कांग्रेस प्रत्याशी अनुभा मुंजारे का निकला विजय जुलूस उमड़ा जनसैलाब दो दिवसीय युवा उत्सव का समारोह पूर्वक हुआ समापन होटल ढाबों और ठेलों में कर रहे घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग महाकौशल के कद्दावर नेता व ७ बार के विधायक व २ बार के सांसद एवं केबिनेट मंत्री बालाघाट विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी गौरीशंकर बिसेन को पूर्व नपाध्यक्ष व कांग्रेस प्रत्याशी अनुभा मुंजारे ने काफी लंबे मतों के अंतराल से पराजित किया। उनकी एकतरफा जीत की खुशी में सोमवार की दोपहर को शहर मुख्यालय में भव्य विजय जुलूस निकाला गया। इस दौरान जगह-जगह विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों व उनके समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत कर मिठाईयां खिलाकर जीत की बधाईयां दी गई। इसके अलावा नव-निर्वाचित विधायक अनुभा मुंजारे को विभिन्न चौक चौराहों में उनके समर्थकों द्वारा लड्डू व फलों से भी तौला गया। ये जुलूस शहर के आजाद चौक स्थित पूर्व सांसद कंकर मुंजारे के निवास से प्रारंभ होकर हनुमान चौक सराफा बाजार होते हुये सुभाष चौक मेन रोड राजघाट चौक होते हुये कालीपुतली चौक से आम्बेडकर चौक गोंदिया रोड होते हुये वापस उनके निवास स्थान पर आकर संपन्न हुआ। इस दौरान श्रीमती मुंजारे के पति पूर्व सांसद कंकर मुंजारे देवर पूर्व विधायक उमाशंकर मुंजारे पुत्र शान्तनु मुंजारे सहित कांग्रेसी कार्यकर्ता व समर्थक बड़ी संख्या में शामिल रहे। मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार स्थानीय शासकीय कमला नेहरू कन्या महाविद्यालय में दो दिवसीय अंतर महाविद्यालयीन जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजित किया गया था जिसका समापन सोमवार को समारोहपूर्वक किया गया। सोमवार को सांस्कृतिक व अभिनय प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने गीत व नृत्य सहित अन्य विधाओं में मंच पर अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेरा। उपभोक्ता परेशान जिले के लामता में होटल ढाबों व हाथ ठेलों में चाट गुपचुप पकोड़े सहित अन्य खाद्य सामग्री बनाकर बेचने वाले लोग व्यवसायिक सिलेंडरों की जगह खुले आम घरेलू सिलेंडरों का उपयोग कर रहे है। जिससे उपभोक्ताओं को घरेलू उपयोग के लिये सिलेण्डर नहीं मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन दुकानदारों द्वारा नियमों को ताक पर रख कर घरेलू सिलेंडरों का उपयोग करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इन पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिसके चलते होटल व रेस्टोरेंट संचालकों के हौंसले बुलंद हैं और अब लामता में घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।