क्षेत्रीय
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को मतदान हुआ है जिसके नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे । विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के पहले मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार एक बार फिर कर्ज लेने जा रही है । जानकारी के मुताबिक 28 नवंबर को प्रदेश के शिवराज सरकार एक बार फिर 2000 करोड रुपए का कर्ज ले सकती है । चुनाव के बीच लिए जा रहे इस कर्ज पर कांग्रेस ने सवालिया निशान खड़े किए हैं । कांग्रेस नेता प्रवीण धौलपुरे ने बयान देते हुए कहा कि सरकार को ऐसी कौन सी जरूरत आन पड़ी कि वह चुनाव के बीच में कर्ज ले रही है । प्रदेश में पिछले 18 वर्षों से भाजपा की सरकार है और सरकार ने कर्ज लेकर सिर्फ भ्रष्टाचार किया है । आज प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति पर करीब 47000 रूपए का कर्ज है ।