जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्टेडिंग कमेटी और अ यर्थियों की ली बैठक संग्रहालय में इंजन को देखने उमड़ी लोगों की भीड़ वृद्धाश्रम एवं नशामुक्ति केन्द्र में विधिक साक्षरता शिविर का हुआ आयोजन बालाघाट. विधानसभा चुनाव को लेकर १७ नवम्बर को हुये मतदान की मतगणना ३ दिस बर को पूरे प्रदेश में होगी। जिले के ६ विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना स्थानीय पॉलीटेकनिक कॉलेज में ३ दिस बर को सुबह ८ बजे से प्रारंभ हो जावेगी। मतगणना को लेकर तैयारियां व आयोग से प्राप्त दिशा निर्देशों की जानकारी देने गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा व पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ की प्रमुख डपस्थिति में स्टेडिंग कमेटी व अ यर्थियों की बैठक आयोजित हुई। तत्पश्चात बैठक में शािमल अ यर्थी व उनके अभिकर्ताओं एवं मीडिया कर्मियों की मौजूदगी में जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा मतगणना स्थल ले जाकर स्ट्रांग रूम व मतगणना के लिये बनाई जाने वाली व्यवस्थाओं से अवगत कराया। पुरातत्व प्रेमियों के छह साल पूर्व से किए जा रहे प्रयास गुरूवार को सफल होते नजर आए। दो दिन पूर्व २१ नवंबर को नागपुर के मोतीबाग से करीब १८० किमी. का सडक़ मार्ग का सफर कर जिले की १०० साल पुरानी नेरोगेज ट्रेन का इंजन बालाघाट के पुरातत्व शोध संग्रहालय में पहुंचा। यहां २४ नवंबर को प्लेटफार्म को पूरी तरह से तैयार कर छह साल से खड़ी बोगी से इंजन को जोड़ दिया जाएगा। इसके साथ ही पुरातत्व प्रेमियों और जिलेवासियों का धरोहर जक्शन का सपना पूरा होगा। बता दें कि बालाघाट जिले में नेरोगेज ट्रेन का काफी पुराना इतिहास रहा है। गोंदिया बालाघाट से जबलपुर के लिए जिलेवासी इसी ट्रेन में सफर किया करते थे। कम स्पीड में चलने के कारण इस नेरोगेज ट्रेन को जिलेवासी छुक-छुक ट्रेन के नाम से भी जानते हैं। जिले के ग्रामींण अंचलों के स्कूल कॉलेज के विद्यार्थी भी इसी ट्रेन से आवागमन कर जिला मुख्यालय शिक्षा ग्रहण करने पहुंचा करते थे। म.प्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालाघाट द्वारा श्रीमान दिनेश चन्द्र थपलियाल प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीष व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कुशल मार्गदर्शन में सहारा वृद्धाश्रम एवं नया जीवन नशामुक्ति केन्द्र बालाघाट में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस विधिक साक्षरता शिविर में नालसा (वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवाऍ) योजना २०१६ एवं माता पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी देवउठनी तुलसी विवाह पर्व २३ नव बर को शहर मु यालय सहित पूरे जिले भर में धूमधाम से हर्षोल्लास के साथ विधि-विधान से मनाया गया। इस दिन इस पर्व को मानने वालों ने उपवास रखकर तुलसी के पौधे के पास गन्ने का मंडप सजाकर माता तुलसी व सालिगराम का ब्याह रचाकर पूजन सामग्री चढ़ाकर पूजा अर्चना की गई। इस दिन घरों में रंग-बिरंगी लाईटिंग लगाकर दीपों से रोशनी कर आर्कषक सजावट की गई व जमकर आतिशबाजी कर खुशियां मनाई गई। ग्यारस के दिन जगह-जगह मंडई का भी आयोजन किया गया