मध्य प्रदेश सहित पांच राज्यों में चुनाव आयोग ने चुनावी तारीखों का ऐलान कर दिया है । एमपी में 17 नवंबर को एक ही चरण में चुनाव संपन्न होंगे । और 3 दिसंबर को चुनाव परिणाम आएंगे । आचार संहिता लगने के बाद मध्य प्रदेश के प्रमुख दोनों राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस ने एक दूसरे पर हमले तेज कर दिए हैं । तो वहीं दोनों ही राजनीतिक दल मध्य प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ अपनी अपनी सरकार बनाने की दावे कर रहे हैं । गौरतलब है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दलों को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था । लेकिन 114 सीटों के साथ संख्या बल अधिक होने से कांग्रेस पार्टी ने बसपा सपा और निर्दलीय से मिलकर अपनी सरकार बनाई थी । इस बार कांग्रेस पार्टी मध्य प्रदेश में 150 सीटों के साथ अपनी सरकार बनाने का दावा कर रही है । तो वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस के इस दावे पर सवालिया निशान खड़े करते हुए कह रही है कि जब पिछली बार कांग्रेस सरकार में आई थी तो उसने जनता के साथ धोखा किया था । कांग्रेस ने जनता से जो वादे किए थे उन वादों को पूरा नहीं किया । इसलिए इस बार मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सर्वाधिक सीटों के साथ अपनी सरकार बनाएगी।