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क्षेत्रीय
22-Sep-2023

कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा का २५ सितंबर को होगा बालाघाट में प्रवेश बाघ के हमले से ग्रामीण की मौत वन विभाग कि जमीन पर अवैध कब्जा वन रक्षक समिति ने किया था धरना प्रदर्शन मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार के १८ साल के कार्यकाल में हुये भ्रष्टाचार व घोटालों एवं सरकार की भ्रष्ट व जन विरोधी नीतियों को लेकर जनता के अंदर जो भयंकर आक्रोश है उसे बाहर निकालने पूर्व मु यमंत्री व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में संपूर्ण मध्यप्रदेश में जन आक्रोश यात्रा निकाली जा रही है। जिसका शुभारंभ १९ सित बर को हुआ है और यह यात्रा सात मार्गो से प्रारंभ हुई है। बालाघाट जिले में इस यात्रा का प्रवेश २५ सित बर को होगा। इस जन आक्रोश रैली की सहप्रभारी लांजी विधायक सुश्री हिना कावरे को बनाया गया है। इस रैली को लेकर शुक्रवार को स्थानीय सुजान धर्मशाला में सहप्रभारी हिना कावरे कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय उइके की प्रमुख उपस्थिति में बैठक आयोजित की गई। साक्षरता संविदा प्रेरक मोर्चा जिला इकाई के द्वारा निष्कासित साक्षरता संविदा प्रेरकों की महापंचायत बुलाने व सेवा बहाली करने की मांग को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर मु यमंत्री के नाम संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार के अधीनस्थ संचालित साक्षर भारत मिशन वर्ष २०१२-१३ से वर्ष २०१८ के अंतर्गत कार्यरत संविदा प्रेरकों को राज्य शिक्षा केन्द्र ने पत्रानुसार नियुक्ति प्रदान की थी। जिन्हें पूर्व किसी बिना सूचना पत्र के ३१ मार्च २०१८ को पद से पृथक कर दिया। जब से सेवा बहाली को लेकर लगातार राज्य शिक्षा केन्द्र व सरकार से मांग की जा रही है लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी है कि एक सप्ताह में संविदा प्रेरकों को न्याय नहीं मिला तो धरना आंदोलन किया जाएगा। गढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धीरी निवासी छबिलाल यादव पर २२ सितंबर की सुबह बाघ ने हमला कर दिया। जिसके पेट और कमर के बीच के हिस्से को बाघ ने फाड़ दिया। जिससे ग्रामीण छबिलाल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हालांकि यह साफ नहीं है कि छबिलाल खेत गया था या फिर मवेशी चराने। फिलहाल घटना की जानकारी के बाद कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने घटना की पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं मृतक का शव बरामद कर लिया गया है। वन विभाग की भूमि पर अवैध अतिक्रमण की वजह से पूरा बिरसा वन परिक्षेत्र विवादों के घेरे में आ गया हैं क्यों कि अवैध अतिक्रमणकारियों के खिलाफ ग्रामीणों के द्वारा आवाज उठाया जाता हैं लेकिन अपने निकम्मेपन की वजह से वन विभाग ग्रामीणों की आवाज पर भी कोई ध्यान नहीं देता जिससे त्रस्त होकर ग्रामीण अनिश्चित कालीन हड़ताल तक करते हैं ऐसा ही धरना वन परिक्षेत्र बिरसा दमोह अंतर्गत ग्राम शेरपार के बीट क्रमांक 1696 पर किये गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ किया जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया। ऐसा भी नहीं हैं कि ग्रामीणों ने इस बावत किसी को जानकारी नहीं दिया था इसके पहले वन विभाग के बड़े अधिकारियो से लेकर कलेक्टर एसपी यहां तक मुख्यमंत्री तक की गुहार लगाकर अवैध कब्जा धारी से वन भूमि को छुड़वाने का प्रयास ग्रामीणों ने किया था लेकिन किसी ने भी ग्रामीणों की आवाज को नहीं सुना अंत में ग्रामीणों ने वन भूमि को अवैध कब्जाधारियों से मुक्त करने के लिए 17 अप्रैल को अनशन पर बैठ गए बैहर विधानसभा के विस्थापित आदिवासियों को आज तक शासनप्रशासन द्वारा विस्थापन राशि आज तक नहीं मिलने से राष्टीय क्रांति मोर्चा बालाघाट संगठन के बैनर तले बैहर में नगर भ्रमण कर नगर के बस स्टैंड में भारी बारिश में प्रदर्शन कर वर्तमान बैहर विधायक संजय सिंह उईके एवं पूर्व विधायक भगत सिंह नेताम मुर्दाबाद के नारे लगाए गए और एसडीएम कार्यालय में मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा गया जिसमे जिला अध्यक्ष अंकुश चौहान द्वारा प्रशासन को चेतावनी देते हुए बताया गया कि जल्द ही 10 दिन के भीतर राशि नही दिलाया गया तो 10 दिन बाद उग्र प्रदर्शन किया जायेगा और बताया गया की बीजेपी की सरकार आदिवासियों की विरोधी है जिस कारण अब तक विस्थापित लोगो की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है आगामी उग्र आंदोलन जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी ।