झोले में छोड़ गए नवजात तालाब किनारे झोले में बिलख रही थी मासूम महिला ने पहुंचाया अस्पताल भटेरा चौकी का रेलवे फाटक बंद राहगीरों के बदले रास्ते अब नए रेलवे फाटक से गुजरेंगे वाहन दीपोत्सव के स्वागत में सजकर तैयार हुआ बाजार खरीदारी के लिए उमडऩे लगी भीड़ मां की गोद में किलकारियां भरने की उम्र में एक नवजात बालिका को झोले में डालकर लावारिस छोड़ दिया गया। मंगलवार की रात लांजी के सिंघाड़ा तालाब के पास झोले में बंद बच्ची जिंदगी के लिए बिलख रही थी। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक महिला के कानों तक उसकी रोने की आवाज पहुंची। महिला ने आवाज की दिशा में जाकर देखा तो झोले के भीतर नवजात पड़ी थी। उसने बिना देर किए बच्ची को बाहर निकाला और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी उठाई। महिला की सतर्कता और संवेदनशीलता से नवजात को समय पर मदद मिल सकी। फिलहाल बच्ची सिविल अस्पताल लांजी में भर्ती है और चिकित्सकों के अनुसार पूरी तरह स्वस्थ है। इधर मासूम को इस तरह लावारिस छोडऩे वाले की तलाश में पुलिस जुटी है। भटेरा चौकी रेलवे फाटक से आवागमन करने वाले लोगों की मुश्किलें अब बढऩे वाली हैं। फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण के चलते रेलवे प्रशासन ने 4 नवंबर से पुराने रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके साथ ही इस मार्ग से गुजरने वाले दोपहिया चारपहिया और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते निर्धारित किए गए हैं। वहीं समनापुर और नैनपुर की ओर जाने वाली यात्री बसों के संचालन के लिए महर्षि विद्यालय के सामने अस्थायी बस स्टैंड बनाया गया है। ऐसे में अब वाहन चालकों और यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए नए यातायात इंतजामों के अनुसार रास्ता बदलना होगा। तहसील मुख्यालय बिरसा के नया बस स्टैंड परिसर में वर्षों से स्थापित भगवान बुद्ध की प्रतिमा को अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़े जाने का मामला सामने आया है जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही तथागत बुद्ध के अनुयायियों और स्थानीय बौद्ध समाज में गहरा रोष फैल गया। समाज के लोगों ने इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बेहद गंभीर और निंदनीय कृत्य बताया है। रात के अंधेरे में दिया घटना को अंजाम प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना 3 नवंबर की दरमियानी रात की है। अगली सुबह जब स्थानीय लोग और बौद्ध अनुयायी वहां पहुंचे तो उन्होंने वर्षों पुरानी भगवान बुद्ध की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त (खंडित) पाया। सुबह होते ही यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई जिससे स्थानीय वार्डवासियों और अनुयायियों में गहरा शोक और गुस्सा देखा गया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग बालाघाट द्वारा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के सांस्कृतिक ट्रैक के अंतर्गत जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन बुधवार को किया गया। मुलना स्टेडियम बालाघाट में आयोजित इस युवा उत्सव में जिले के युवाओं ने अपनी रचनात्मकता कलात्मक अभिव्यक्ति देशभक्ति और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जिला स्तरीय युवा उत्सव में समूह लोकनृत्य समूह लोकगीत कविता लेखन चित्रकला तथा ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ थीम पर नुक्कड़ नाटक जैसी विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। रोशनी के पर्व दीपावली को लेकर शहर का बाजार पूरी तरह सजकर तैयार हो गया है। पांच दिवसीय दीपोत्सव की खुशियां बाजारों में अभी से दिखाई देने लगी हैं। दुकानों पर रंग-बिरंगे दीपक आकर्षक रंगोली सजावटी सामग्री और पूजन सामग्री की भरमार है। वहीं कपड़े मिठाई और पटाखों की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही बढऩे लगी है। पर्व की तैयारियों में जुटे लोग परिवार के साथ बाजार पहुंचकर जमकर खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में बढ़ती चहल-पहल से व्यापारियों के चेहरों पर भी रौनक दिखाई देने लगी है दीपावली पर घर-आंगन को रोशनी से सजाने की परंपरा के चलते मिट्टी के दीपक और रंगोली लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। शहर के प्रमुख बाजारों में जगह-जगह दीपक और रंगोली की दुकानें सजाई गई हैं। इन दुकानों पर पारंपरिक मिट्टी के दीयों के साथ आकर्षक सजावटी सामग्री भी उपलब्ध है। वहीं घरों की साज-सज्जा और त्योहार की तैयारियों को लेकर लोग अपनी पसंद के सामान खरीद रहे हैं।