बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो समितियों के लोगों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया और धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। घटना में तीन युवक घायल हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक विसर्जन स्थल से करीब 200 मीटर आगे किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हुआ था। हमले में राहुल सिंह और सिद्धांत ध्रुव समेत तीन युवकों को चोटें आई हैं। घटना के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वंदे मातरम गीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर देशभर में सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि विद्या भारती के तत्वावधान में देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से ज्यादा विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन किया। छत्तीसगढ़ में भी करीब 1500 स्थानों पर विद्यार्थियों ने वंदे मातरम गीत का सामूहिक गायन किया। छत्तीसगढ़ में भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टरों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को हालात पर लगातार नजर रखने और जरूरत के मुताबिक तत्काल कार्रवाई करने की हिदायत दी है। गरियाबंद जिले के देवभोग और अमलीपदर तहसील में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। 24 घंटे में 200 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज होने के बाद तेलनदी सुखानदी समेत कई बरसाती नाले उफान पर हैं। निचले इलाकों में पानी घरों में घुसने लगा है जिसके चलते लोग रातभर जागकर सामान सुरक्षित करने में जुटे हैं।लगातार बारिश से हजारों एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं बेलाट नाला में जलस्तर बढ़ने के बावजूद बच्चे खतरा मोल लेकर नहाते नजर आए। भारी बारिश के कारण प्रशासन ने आज से होने वाली त्रैमासिक परीक्षाएं भी रद्द कर दी हैं। सिकासार बांध में करीब 87 प्रतिशत जलभराव के चलते सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 15500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच राजधानी रायपुर में जलभराव को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि दो दिन की बारिश में ही रायपुर की जलनिकासी व्यवस्था चरमरा गई है। कई चौक-चौराहों और बस्तियों में पानी भरने के साथ लोगों के घरों में भी पानी घुसने का दावा किया गया है।विकास उपाध्याय ने कहा कि कई परिवारों के किचन और बेडरूम तक पानी पहुंचने से घरेलू सामान खराब हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि बारिश से पहले नालों की सफाई और जलभराव रोकने के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए। कांग्रेस ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।उपाध्याय ने भाजपा की स्थानीय जनप्रतिनिधियों वाली व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि रायपुर को सिर्फ दावों की नहीं बल्कि जमीन पर काम करने वाली व्यवस्था की जरूरत है।