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अंतर्राष्ट्रीय
02-Jul-2026

करोड़ों का सिंचाई प्लांट फूंका गार्ड पर डीजल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश कोविड सेंटर चोरी का खुलासा दो आरोपी गिरफ्तार लाखों का सामान बरामद बीएसएफ भर्ती में फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने का मामला 11 प्रमाण पत्र फर्जी परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राघो टोला (मुरझड़-प्रतापपुर पंचायत) में विकास की रफ्तार को रोकने वाली एक बेहद खौफनाक और हैरान करने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ कुछ स्थानीय दबंगों और असामाजिक तत्वों ने मिलकर सिंचाई विभाग के एक महत्वाकांक्षी माइक्रो इरिगेशन सूक्ष्म सिंचाई प्लांट को आग के हवाले कर दिया। इस भीषण आगजनी में करीब 8 से 10 करोड़ रुपये की भारी-भरकम सरकारी मशीनरी और पाइप जलकर पूरी तरह खाक हो गए हैं। ​इस घटना की सबसे डरावनी कड़वी सच्चाई तब सामने आई जब मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मी ने बताया कि उपद्रवियों ने न सिर्फ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया बल्कि उन पर डीजल छिड़ककर जिंदा जलाने का प्रयास भी किया। इस बड़ी वारदात के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और प्रभावित 55 गांवों के 12000 किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गई है। कोविड सेंटर में हुई लाखों रुपये की चोरी का कोतवाली पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी गया शत-प्रतिशत सामान बरामद कर लिया है।सीएसपी मयंक तिवारी ने बताया कि सीएमएचओ कार्यालय में फार्मासिस्ट ग्रेड-1 पर पदस्थ विनोद कुमार कामड़े ने 24 जून को थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें शासकीय आईटीआई के पीछे स्थित कोविड सेंटर से 28 नग बी-टाइप छोटे सिलेंडर एक हायर कंपनी का एसी (इंडोर-आउटडोर यूनिट) और एक एलईडी टीवी चोरी कर ली। शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर पुलिस ने मामले को जांच में लियाविवेचना के दौरान 1 जुलाई को कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। गिरफ्तार आरोपियों में समीर पिता शकील अली 25 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 1 बालाघाट और दामोदर प्रसाद पिता परमानंद पाठक 54 वर्ष निवासी मारा मरारी मोहल्ला बालाघाट शामिल हैं। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया पूरा सामान बरामद कर लिया है। जिले के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की भर्ती में नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में 11 आवेदकों के निवास जाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। जानकारी के अनुसार बीएसएफ की इंदौर यूनिट में हुई भर्ती के दौरान उत्तर प्रदेश भिंड मुरैना सहित अन्य क्षेत्रों के युवकों ने बालाघाट के नाम पर फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर आवेदन किया था। दस्तावेजों के सत्यापन में संदेह होने पर बीएसएफ की टीम बालाघाट पहुंची और स्थानीय प्रशासन के साथ जांच की। जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। एसडीएम गोपाल सोनी ने बताया कि बालाघाट किरनापुर और वारासिवनी क्षेत्र में ऐसे मामले मिले हैं। प्रशासन ने जांच रिपोर्ट बीएसएफ को सौंप दी है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। जिले में किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने विशेष जांच अभियान चलाया। इसी क्रम में एसडीएम वारासिवनी कार्तिकेय जायसवाल के नेतृत्व में राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने लालबर्रा क्षेत्र के तीन कृषि केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान बीज उर्वरक और कीटनाशकों के स्टॉक लाइसेंस स्टॉक रजिस्टर बिल बुक और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। मेसर्स केशव बीज भंडार में बिना लाइसेंस सब्जी बीजों की बिक्री और अधूरा स्टॉक रजिस्टर मिला। मेसर्स महामाया कृषि केंद्र में अतिरिक्त विक्रेता प्रमाण-पत्र के बिना व्यवसाय और स्टॉक पंजी का अभाव पाया गया। वहीं मेसर्स बिसेन कृषि केंद्र में बीजों के स्टॉक और विक्रय दर का प्रदर्शन नहीं मिला। प्रशासन ने संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले के लालबर्रा में नागरिकों जनप्रतिनिधियों और अधिवक्ताओं ने क्षेत्र में **सिविल जज वर्ग-2 न्यायालय** की स्थापना की मांग तेज कर दी है। इस संबंध में सांसद भारती पारधी को ज्ञापन सौंपकर बताया गया कि लालबर्रा से जिला न्यायालय बालाघाट 25 किलोमीटर और सत्र न्यायालय वारासिवनी 21 किलोमीटर दूर होने के कारण ग्रामीणों और गरीब पक्षकारों को अतिरिक्त खर्च और समय की परेशानी उठानी पड़ती है। अधिवक्ताओं के अनुसार लालबर्रा तहसील में 77 ग्राम पंचायतें 105 राजस्व ग्राम और करीब 1.71 लाख की आबादी है। क्षेत्र से जुड़े 700 से अधिक सिविल 1000 से अधिक आपराधिक 1000 से अधिक राजस्व तथा सैकड़ों पारिवारिक मामले लंबित हैं। लोगों ने न्याय सुलभ बनाने के लिए जल्द न्यायालय स्थापित करने की मांग की है। नांदी गांव के निवासी प्रभुकुमार भूरे ने आरोप लगाया है कि राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन और तहसीलदार के पक्ष में आदेश पारित होने के बावजूद उन्हें अपनी आबादी भूमि पर मकान निर्माण नहीं करने दिया जा रहा है। उनका कहना है कि उनके पास भूमि का खसरा नक्शा ड्रोन सर्वे रिकॉर्ड और तहसीलदार का आदेश सहित सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद जैसे ही उन्होंने निर्माण कार्य शुरू करने का प्रयास किया विवाद खड़ा कर दिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। पीड़ित ने प्रशासन पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए जल्द न्याय दिलाने और निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। भरवेली थाना पुलिस ने पांच मामलों में फरार स्थाई वारंटी बिसराम दमाहे को महाराष्ट्र के कुड़वा से गिरफ्तार किया है। आरोपी ग्राम जागपुर का निवासी है और उसके खिलाफ चेक बाउंस के मामलों में न्यायालय ने चार स्थाई वारंट तथा एक गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। नगर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी वर्ष 2018 से 2022 के बीच जारी वारंटों के बावजूद फरार चल रहा था। कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया।