छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की जा रही दवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (CGMSC) के माध्यम से दी जा रही दवाओं की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने दवा खरीदी प्रक्रिया आवश्यक दवाओं की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं में अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित करने की भी मांग की। इस दौरान डॉ. राकेश गुप्ता सहित पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की अधिसूचना जारी कर दी गई है। सत्र 13 जुलाई 2026 से शुरू होकर 17 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस दौरान कुल 5 बैठकें आयोजित की जाएंगी जिनमें प्रश्नकाल ध्यानाकर्षण और विधायी कार्यों पर चर्चा होगी। सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना है। विभिन्न विभागों से जुड़े प्रश्नों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। कांग्रेस द्वारा राहुल गांधी की तुलना महात्मा गांधी से किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। मामले पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कड़ा पलटवार किया है। अरुण साव ने कहा कि राहुल गांधी का राजनीतिक रिकॉर्ड असफलताओं से भरा है और कांग्रेस को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की महात्मा गांधी से तुलना करना अनुचित है और यह महात्मा गांधी के विचारों का अपमान है। उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने देश के विकास में कोई महत्वपूर्ण योगदान नहीं दिया है और उनके बयानों से कांग्रेस को ही नुकसान होता है। हसदेव अरण्य को बचाने को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर राजनीति तेज हो गई है। इस मुद्दे पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस को सत्ता से बाहर होने के बाद ही जल जंगल और जमीन की याद आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का प्रदर्शन भ्रम फैलाने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति हमेशा इसी तरह की रही है और सत्ता में रहते हुए वे इन मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखाते। राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक का विमोचन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के लिए लंबे समय तक एक गंभीर चुनौती और कलंक रहा है लेकिन सरकार और सुरक्षा बलों के प्रयासों से स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वय सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय लोगों के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह पुस्तक जमीनी अनुभवों और बस्तर के क्षेत्रों में किए गए अध्ययन पर आधारित है जिसे दूरस्थ इलाकों में जाकर तैयार किया गया है।