सोना-चांदी पर सरकार का बड़ा फैसला कीमतों में जबरदस्त उछाल केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार के इस फैसले के बाद बुधवार 13 मई को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोना और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली। 10 ग्राम सोने का भाव करीब 10 हजार रुपए बढ़कर 1.63 लाख रुपए तक पहुंच गया जबकि एक किलो चांदी 18 हजार रुपए महंगी होकर 2.97 लाख रुपए पर कारोबार करने लगी। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। सरकार का कहना है कि यह कदम विदेशी खरीद कम करने और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाने के लिए उठाया गया है। माना जा रहा है कि अमेरिका-ईरान तनाव के बीच यह फैसला लिया गया है। शेयर बाजार में हल्की तेजी मेटल शेयर चमके बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 100 अंकों की बढ़त के साथ 74700 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया जबकि निफ्टी भी 30 अंक चढ़कर 23400 के पार पहुंच गया। बाजार में मेटल सेक्टर के शेयरों में खरीदारी का माहौल रहा वहीं फार्मा सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला। निवेशकों की नजरें अब वैश्विक बाजार और महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हुई हैं। महंगाई दर में बढ़ोतरी खाने-पीने की चीजें हुईं महंगी देश में खुदरा महंगाई दर अप्रैल महीने में बढ़कर 3.48% हो गई है। इससे पहले मार्च में यह 3.40% थी। 12 मई को जारी आंकड़ों के मुताबिक खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी महंगाई बढ़ने की बड़ी वजह रही। इसी बीच सोना और चांदी की कीमतों में भी लगातार तेजी बनी हुई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार चांदी की कीमत एक ही दिन में 8667 रुपए बढ़कर 264867 रुपए प्रति किलो पहुंच गई। मछलीपट्टनम-रेपल्ले नई रेलवे लाइन परियोजना को मंजूरी आंध्र प्रदेश में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मछलीपट्टनम से सांसद वल्लभनेनी बालशौरी ने जानकारी दी कि 2816 करोड़ रुपए की मछलीपट्टनम-रेपल्ले नई रेलवे लाइन परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। करीब 47.60 किलोमीटर लंबी यह ब्रॉड-गेज लाइन मछलीपट्टनम को रेपल्ले से जोड़ेगी। परियोजना में छह रेलवे स्टेशन 70 पुल और 24 रेलवे अंडरब्रिज बनाए जाएंगे। अंतिम स्थान सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार हो चुकी है तथा इसे अगले चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।