सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में प्रस्तावित चूना पत्थर खदान के विरोध में आज बड़ा जनआंदोलन हुआ। गढ़ चौक से शुरू हुए प्रदर्शन में हजारों ग्रामीण शामिल हुए जो खैरहा जूनाडीह गोढ़ियारी भैंजनार और रापागुला समेत कई गांवों से पहुंचे थे।ग्रामीणों का कहना है कि करीब 1800 एकड़ में प्रस्तावित खदान से उनके जल जंगल और जमीन पर गंभीर असर पड़ेगा। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर खदान रद्द करने की मांग की गई।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए किरण सिंह देव ने कहा कि कांग्रेस नक्सलवाद खत्म करने का श्रेय लेना चाहती है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने तय समयसीमा में काम किया जिसके चलते आज नक्सलवाद खत्म होने की स्थिति में है।देव ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को इसकी प्रशंसा करनी चाहिए और यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें इस उपलब्धि पर खुशी है या तकलीफ। उन्होंने दो टूक कहा कि भाजपा को कांग्रेस से किसी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। कांकेर जिला में मरोड़ा से पखांजूर तक करीब 13–15 किमी लंबी “बिजली न्याय पदयात्रा” निकाली गई जिसमें सैकड़ों किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।पखांजूर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग का घेराव कर सूखी फसलों को लेकर नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि लगातार बिजली कटौती लो-वोल्टेज और बिना सूचना रोज 4–5 घंटे बिजली बंद रहने से खेती प्रभावित हो रही है। बार-बार बिजली गुल होने से मक्का समेत फसलें सूखने की कगार पर हैं।किसानों ने चेतावनी दी है कि दो दिन में सुधार नहीं हुआ तो चक्का जाम कर उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और बिजली विभाग की होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि 31 मार्च का दिन राज्य के लिए ऐतिहासिक रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के साहस से देश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूरा हुआ है।उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में बस्तर में ‘नियद नेल्लानार’ जैसी योजनाओं के जरिए गांव-गांव तक विकास पहुंचाया गया है जिससे अब क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है।