अमेरिकी केसुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने ट्रम्प के दूसरे देशों पर लगाए गए टैरिफ को अवैध बताया है। साथ ही कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। ये टैरिफ एक आपातकालीन शक्तियों वाले कानून के तहत लगाए गए थे। कोर्ट का यह फैसला ट्रम्प की आर्थिक नीतियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। एजेंसी AP के मुताबिक यह मामला ट्रम्प के एजेंडे का पहला बड़ा मुद्दा था जो सीधे सर्वोच्च अदालत तक पहुंचा। दरअसल अप्रैल 2025 में ट्रम्प ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए दुनिया के कई देशों से आने वाले सामान पर भारी टैरिफ यानी आयात शुल्क लगा दिए थे। टैरिफ का मतलब होता है कि किसी देश से आने वाले सामान पर ज्यादा टैक्स लगाया जाए ताकि वह महंगा हो जाए और घरेलू कंपनियों को फायदा मिले।x