प्राइम टाइम

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Posted by khalid on



मध्य प्रदेश में चौथी बार भी सरकार बनाने को लेकर व्याकुल भारतीय जनता पार्टी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है , लेकिन भाजपा को हर तरफ विरोध का सामना करना पड़ रहा है । सीधी जिले की जनआशीर्वाद यात्रा को दौरान जिस तरह से सीएम शिवराज को काले झंडे दिखाए गए उनके रथ मे पत्थर मारे गए यहां तक की इसी सभा में उन पर जूते तक उछाले गए वहीं चाहे प्रभात झा हो या केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत सभी का विरोध हो रहा है । इससे साफतौर पर साबित होता है कि भाजपा पर लोगो का विद्रोह हावी हो रहा है । जो कि एससी एक्ट का विरोध कर रहे है । वहीं अब इन्हे मनाने के लिए भाजपा पार्टी एम-3 फॉर्मूला अपनाने जा रही है । साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी मठ, मंदिर और महंत की जानकारी जुटा रही है। कहा जा रहा है बीजेपी अब जीत के लिए है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंदिरों, मठों के संचालकों, साधु, संन्यासियों एवं अन्य प्रमुख लोगों का ब्यौरा जुटा रही है । इस जानकारी को विधानसभा चुनाव में किस तरह से इस्तेमाल किया जाएगा इस बारे में पार्टी नेताओं ने कोई जानकारी नहीं दी। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बीजेपी ने प्रदेश के 65 हजार मतदाता केंद्रों में मौजूद सभी मंदिरों, हिंदू धर्मस्थलों, मठों और इनके संचालक साधु, संतों, पुजारियों और इनसे जुड़े भक्तों, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं की जानकारी जुटाई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी इस जानकारी से प्रदेश में जातिगत समीकरण सेट करने में लगी है। बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने बताया कि हमने मंदिरों, मठों और इनसे जुड़े पुजारियों की जानकारी जमा की है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने बूथ स्तर पर सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं और असरदार लोगों का डाटा भी एकत्र किया है। इन लोगों की जानकारी का इस्तेमाल किस तरह किया जाएगी इस बारे में उन्होंने मीडियो को कुछ नहीं बताया है , राजनीति के जानकारों का मानना है कि बीजेपी की नजरें आदिवासी वोट बैंक पर टिकी हैं। सरकार बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इसलिए भी पार्टी अपना जनादेश इन क्षेत्रों में मजबूत करना चाहती है। लेकिन हर तरफ से विरोध झेल रही भाजपा के लिए यह कितनी तेड़ी खीर साबित होती है यह तो आने वाला वक्त ही बता पाएगा। फिलहाल मुझे दीजिए इजाजत ।