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भोपाल - सीएम शिवराज के लिए ‘संकटमोचक’ बने प्रह्लाद पटेल

Posted by Divyansh Joshi on



मध्य प्रदेश में एससी एसटी एक्ट का विरोध बढ़ता जा रहा है । अब भाजपा सरकार चुनावी साल में एससी-एसटी एक्ट के विरोध के बाद हुए डैमेज को कंट्रोल करने के लिए अपने पुराने दिग्गज और हाशिए पर चल रहे नेताओं को तवज्जो दे रही है । अब तक संगठन की बैठकों से दूर रहने वाले ओबीसी नेता अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए ‘संकटमोचक’ बनकर उभर रहे हैं। उन्हीं नेताओं में एक नाम प्रह्लाद पटेल का है, जो कभी उमा भारती के खास रह चुके हैं। दरअसल, अब तक बीजेपी में हाशिए पर चल रहे प्रह्लाद पटेल को पार्टी डैमेज कंट्रोल के लिए आगे करने की तैयारी में हैं। चुनाव से पहले ओबीसी वोटबैंक को साधने के लिए पार्टी प्रह्लाद पटेल को फुल पॉवर देने का मन बना चुकी है प्रह्लाद पटेल सूबे में ओबीसी वर्ग के सबसे बड़े नेता माने जाते हैं। दमोह से बीजेपी के सांसद प्रहलाद पटेल को सवर्ण और एससी-एसटी वर्ग के बीच मध्यस्थता करने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसके लिए ओबीसी वोटबैंक को साधने के लिए बीजेपी आने वाले 10 सितंबर को सतना में ओबीसी महाकुंभ करने जा रही है।इस ओबीसी महाकुंभ को सफल बनाने के लिए सीएम हाउस में ओबीसी विधायकों और सांसदों की एक अहम बैठक भी हुई। बैठक में सीएम शिवराज सिंह चौहान के रथ पर हुए हमले को लेकर कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पास किया गया। बता दें कि एमपी में ओबीसी वोटबैंक करीब 51 फीसदी है।