प्राइम टाइम

प्राइम टाइम - चुनाव आयोग की विस्वसनीयता पर 70 सालो में पहली बार संकट

Posted by Divyansh Joshi on



चुनाव आयोग पिछले 70 सालों से अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर अभी तक इतने आरोप नहीं लगे है जितने पिछले 2 -3 सालों से विपक्षी दल लगा रहे है । इसलिए चुनाव आयोग को अपनी विश्वनीयता बरकरार करने की बहुत जरुरत है और चुनाव आयोग प्रयास कर रहा है कि उसे गंभीरता से लिया जा सके । इसी साल के अंत में 3 राज्य मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़ और राजस्थान में चुनाव है और इसी को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत राजधानी भोपाल में है और यहां वह चुनावी तैयारियों की मैदानी स्तिथि का आंकलन और सभी राजनीतिक दलों से चर्चा कर रहे है। राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने 7 राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की । इस चर्चा के दौरान तमाम राजनीतिक दलों के लोग ओपी रावत से मिलने पहुंचे जहां पर उन्होंने सभी को जब 15 मिनट का समय दिया है । इतना ही नहीं ओपी रावत ने सभी राजनेताओं को आश्वासन दिया है कि चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जाएंगे और अगर उन्हें कोई भी परेशानी होती है तो वोट चुनाव आयोग को आकर शिकायत करें । चुनाव आयुक्त से मिलकर आए भाजपा प्रतिनिधियों ने कहा कि एक वोटर का नाम एक से अधिक स्थान की वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए उन्होंने शिकायत की कि कांग्रेस सांसद सज्जन से वर्मा का नाम इंदौर और देवास की मतदाता सूची में है एक स्थान से उनका नाम हटाया जाए मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान जो नाम बताए जा रहे हैं उन्हें वेबसाइट पर डालें और मतदाताओं को उनके मोबाइल नंबर पर सूचित किया जाए ।

इधर कांग्रेस कार्यकर्ताओ का दल भी मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलकर आया। उन्होने बताया कि उन्होंने चुनाव आयुक्त के सामने फर्जी मतदाता सूची का मुद्दा रखा है।


मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने आए आम आदमी पार्टी के संयोजक आलोक अग्रवाल ने भी चुनाव आयुक्त के सामने कई मामले रखें । उन्होंने कहा की मध्य प्रदेश में चुनाव निष्पक्ष प्रणाली के साथ हो सके इसलिए ईवीएम की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है । वहीं इससें पहले बोगस मतदाता पर उन्होंने कहा कोई भी मतदाता बोगस नहीं है सभी डुप्लीकेट वोटर थे| चुनाव आयोग मल्टीपल वोटर्स को हटाने का काम कर रही है, पोलिटिकल पार्टीज की हर तरह की समस्या को चुनाव आयोग हल करेगा| वहीं प्रदेश में इस दौरे को लेकर भी सारी तैयारियां हो चुकी है , पोलिंग बूथ पर 80 फ़ीसदी काम पूरा हो चूका है, 20 फीसदी पोलिंग बूथ पर व्यवस्थाएं समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं| मुख्य चुनाव आय़ुक्त ओपी कोहली वैसे तो बहुत गंभीर व्यक्ति है और इसलिए वह चुनावी सीजन में इतने एक्टिव है और लगातार चुनाव आयोग की महत्ता औऱ विश्वसनीयता बनाए रखने के प्रयास कर रहे है लेकिन इन सब के बावजूद चुनाव आयोग के लिए अपनी विश्वसनीयता बहाल करना सबसे बड़ी चुनौती है