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प्रदेश एक्सप्रेस - मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दिया चौंकाने वाला बयान

Posted by Divyansh Joshi on



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पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर कांग्रेस के भारत बंद का असर मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल में सोमवार सुबह से ही देखने को मिला। इंदौर में सभी स्कूल बंद हैं, देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी ने 10 से अधिक परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। पेट्रोल पंप सुबह 9 से 12 बजे तक तीन घंटे के लिए बंद रहेंगे। व्यापारिक संगठनों ने भी बंद को समर्थन दिया है।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मण्डला जिले के ग्राम भुआबिछिया में विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए घोषणा की कि संबल योजना में 5 एकड़ तक के किसानों और छोटे व्यापारियों को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर 5 एकड़ तक के कृषक परिवार में एक से अधिक भाई - बहन है तो वे भी योजना के पात्र होंगे।मुख्यमंत्री की इस घोषणा से प्रदेश में 5 एकड़ तक भूमि वाले कुल 80 लाख किसान परिवार सीधे मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना (संबल) के पात्र होंगे।
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मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने चौंकाने वाला बयान दिया है। चुनाव से पहले होने वाले सर्वे पर उन्होंने कटाक्ष किया। उनसे जब पूछा गया कि सर्वे के नतीजों में कमलनाथ और सिंधिया एक और दो नंबर पर आ रहे हैं इसपर आपका क्या कहना है। सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि अगर मेरे पास पैसा होता तो मैं भी एक नंबर पर आ जाता। उनके इस बयान से हड़कंप मच गया है।
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मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने रविवार को दांगी और धनगर समाज की बैठक ली। इसमें दांगी समाज ने विधानसभा चुनाव में पांच टिकट की मांग की है। पीसीसी में हुई बैठक में दांगी समाज के नेता और पूर्व सांसद सुरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि 29 जिलों में करीब 50 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर समाज के मतदाताओं की मौजूदगी है। आठ से दस सीटों पर समाज के 30 हजार से ज्यादा मतदाता हैं तो चार से पांच सीटों पर 15 हजार से ज्यादा मतदाता हैं।
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विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में सरकारी कर्मचारी अपनी मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन करे की राह पर हैं। शिक्षकों को आंदोलन के बाद अब प्रदेश में लगतार लिपिक भी सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को लिपिकों ने मंत्रालय में काम ठप रखने का मन बना लिया है। सोमवारो को मंत्रालय में कामकाज ठप रहेगा। रमेशचन्द्र शर्मा कमेटी की अनुशंसाएं लागू न होने सहित अन्य मांगों को लेकर लिपिक एवं मंत्रालय कर्मचारी संघ संयुक्त रूप से बल्लभ भवन का घेराव करेगा।