प्राइम टाइम

प्राइम टाइम

Posted by Divyansh Joshi on



मध्यप्रदेश के बलात्कार में नंबर 1 बनने के बाद भी यहां ऐसी घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही है ।बिहार के मुजफ्फरपुर और यूपी के देवरिया के बाद अब भोपाल के अवधपुरी स्थित एक एनजीओ के गर्ल्स हॉस्टल में बच्चियों से दुष्कर्म और छेड़छाड़ का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस हॉस्टल में मूक-बधिर बालिकाओं को पढ़ाया जाता है। करीब एक साल से धार की युवती के साथ हॉस्टल संचालक अश्वनी शर्मा ज्यादती कर रहा था। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। 35 वर्षीय अश्विनी शर्मा अवधपुरी इलाके में दो छात्रावास संचालित करता है।इनमें से एक मूक-बधिर बालिकाओं का है। दरिंदगी का खुलासा तब हुआ, जब हॉस्टल से एक युवती अपने परिजनों के पास धार पहुंची। उसने परिजनों को सारी बात बताई। फिर शिकायत पर धार और इंदौर पुलिस ने हॉस्टल संचालक के खिलाफ शून्य पर मामला दर्ज कर केस डायरी अवधपुरी पुलिस को भेज दी है। इस संस्था को सामाजिक न्याय विभाग से अनुदान मिलता है। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने टंवीट कर इस घटना की निंदा की है । वहीं कल कांग्रेस मीडिया प्रभारी शोभा ओझा ने सवाल था कि कि इस संस्था को सामाजिक न्याय विभाग से अनुदान बिना किसी जांच के कैसे मिलता है । जिसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार यह सोचकर अनुदान देती हैं कि संस्था अच्छा काम कर रही है लेकिन यहां तो कौन वहसी कहां बैठा हो नहीं पता । उन्होने कहा कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले इसके दिए निर्देश दिए गए है।
पर इन सबके बीच प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे है । एक तो वैसे ही मध्यप्रदेश बलात्कार के मामले में पहले नंबर पर है । उसके बाद भी यहां ऐसी घटनाएं कम नही हो रही है ।