व्यक्तित्व

व्यक्तित्व - नहीं रहे अटल

Posted by Divyansh Joshi on



अटल बिहारी वाजपयी भारतीय जनता पार्टी के मुख्य नेता और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री रह चुके है | 2015 में उनको भारत के सबसे बड़े पुरस्कार भारत रत्न से नवाजा गया | वो एक ऐसे व्यक्ति है जिनकी बेबाक आवाज़ के आगे कोई भी राजनेता उनके सामने टिक नहीं पाया | अटल बिहारी वाजपयी का जन्म 25 दिसम्बर 1924 को ग्वालियर में हुआ था | उनके पिता का नाम कृष्णा बिहारी और माता का नाम कृष्णा देवी था | वाजपयी की प्रारभिक शिक्षा गोरखी गाँव में हुयी थी और उसके बाद विक्टोरिया कॉलेज से उन्होंने स्नातक डिग्री प्राप्त की | इसके बाद कानपुर के दयानन्द कॉलेज से उन्होंने राजनीति विज्ञानं में स्नाक्तोक्तर की उपाधि प्राप्त की | राजनीति में पहली बार अटल बिहारी वाजपयी का पदार्पण अगस्त 1942 में हुआ जब वो और उनके बड़े भाई को भारत छोड़ो आन्दोलन के तहत 23 दिनों के लिए गिरफ्तार कर लिया गया था | 1951 में दीन दयाल उपाध्याय के साथ मिलकर RSS ने हिन्दू राजीनीतिक पार्टी “भारतीय जनता संघ ” का निर्माण किया | इस पार्टी में उनको उत्तरी प्रभाग का राष्टीय सचिव चुना गया | उनकी वाक्पटुता से जवाहर लाल नेहरु इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अटल बिहारी वाजपयी को भविष्य का प्रधानमंत्री बना दिया |1996 के लोकसभा चुनावो में BJP जीत गयी और वाजपयी को 1996 से 2004 के बीच तीन बार प्रधानमंत्री की शपथ ली | 2005 में उन्होंने ने राजनीति से संन्यास ले लिया | वो अपनी कविताओ के लिए बहुत प्रसिद्ध रहे और उन्होंने कई किताबे लिखी | अटल बिहारी वाजपयी ने बिना शादी किये निस्वार्थ भाव से अपना पूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा में समर्पित कर दिया |