प्राइम टाइम

प्राइम टाइम - भोपाल कैसे बनेगी स्मार्ट सिटी

Posted by Divyansh Joshi on



मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी परियोजना में अभी कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हो सकी है । कहने को तो यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है लेकिन इनके दावो और वादों की पोल खुलती जा रही है । राजधानी भोपाल को 2019 तक स्मार्ट सिटी बनाने का दावा तो किया जा रहा है लेकिन राजधानी को स्मार्ट होने में कितना समय लगेगा कहना मुश्किल है क्योंकि पिछले 3 सालों में मध्य प्रदेश की राजधानी को स्मार्ट सिटी के नाम पर कुछ मिला है तो वो है स्मार्ट खंबे,स्मार्ट साइकिल, टूटी फूटी स्मार्ट सड़क, एक दफ्तर और हाल ही में स्मार्ट पार्किंग.लेकिन क्या यही है हमारी स्मार्ट सिटी. इस मामले में कांग्रेस का कहना है कि करोड़ों की राशि खर्च हो गई लेकिन काम दिखाई नहीं दे रहा वही बीजेपी ने भी अपना बचाव करते हुए कहा कि जब भी किसी योजना की शुरुआत होती है, तो उसका विरोध करने वाले लोग भी बहुत होते हैं , और रही बात कार्य में गड़बड़ी होने की तो उसके खिलाफ सरकार ने कई गाइडलाइंस बनाई है
वहीं इस प्रोजेक्ट के तहत राजधानी के पालिटेक्निक चौराहा से भारत माता चौराहा तक बन रही स्मार्ट सड़क से लगी दिवारों की ईंटे भी सही गुणवत्ता की नहीं है इसके अलावा भोपाल की स्मार्ट स्ट्रीट लाइटें सप्ताह भर भी नहीं चल पा रही हैं। कॉलोनियों की 10 हजार लाइटें खराब हो चुकी हैं। स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन तक रोजाना 50 से ज्यादा शिकायतें पहुंच रही हैं। बीआरटीएस, साकेत नगर, एम्स, कटारा और आगे तक लगी स्मार्ट लाइट्स कभी जलती तो कभी बंद हो जाती है । यहां के रहवासी और समाजसेवी उमाशंकर तिवारी का कहना है कि राजधानी को स्मार्ट बनाने के नाम पर लोगो को सिर्फ धोखा दिया जा रहै है ।
वहींस्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत राजधनी भोपाल के न्यू मार्केट में लग रही टाईल्स अभी से उखड़ने लगी है । यहां डेडलाईन के हिसाब से काम नहीं हो रहा है । जिससे न्यू मार्केट के व्यापारी काफी परेशान है और अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे है ।
स्मार्ट सिटी बनवाने के बीच भोपाल की हालात ऐसी है कि बारिश शुरु होते ही यहां के महापौर शहर में बीचों बीच कुर्सी लगाकर बैठ जाते है । अब इस स्थिती को लेकर भोपाल कैसे स्मार्ट बनेगा। इन सबके बावजूद अगर कुछ स्मार्ट हुआ है तो वह है समार्ट सिटी कार्पोरेशन का आफिस और यहां के अधिकारी । बाकी सारा काम बस भगवान भरोसे चल रहा है। स्मार्ट सिटी के जुमले के बीच राजघानी भोपाल वासी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे है।