प्राइम टाइम

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Posted by khalid on



भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले नेता अमित शाह कब कौन से निर्णय ले लें, यह जान पाना उनकी ही पार्टी के नेताओं के बस की बात नहीं है। कुछ दिन पहले ही खबर आई थी कि भाजपा अध्यक्ष द्वारा भोपाल में तैनात की जा रही स्पेशल 40 टीम को लीड किया जाएगा, वे भोपाल को अपना अस्थाई ठिकाना बनाएंगे। 74 बंगले स्थित बी-12 को वॉर रूम के लिए तैयार भी किया जाने लगा । इस बीच, अब शाह ने अपना इरादा बदल लिया है। अब शाह भोपाल की जगह इंदौर में डेरा डालेंगे और वही से मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ राज्यों की मॉनिटरिंग करेंगे। भाजपा नेताओं का कहना है कि भोपाल से केवल 4 शहरों के लिए हवाई संपर्क होने की वजह से इंदौर को चुना गया क्योंकि इंदौर से रोजाना 13 शहरों के लिए नियमित फ्लाइट है। ऐसे में शाह का देश के किसी भी हिस्से में पहुंचना आसान हो। जबकि सूत्रों का कहना है कि शाह को अपनों से ही खतरा है। शाह नहीं चाहते कि उनके द्वारा बनाई गई कोई भी रणनीति लीक हो। भोपाल में कांग्रेसी नेता भी सक्रिय हैं। वहीं, शाह को अपनी पार्टी के नेताओं से ही भीतरघाट की आशंका है। सूत्रों का कहना है कि सोशल मीडिया के दौर में स्पाई कैमरे के द्वारा कोई शाह की जासूसी न करे, इसलिए उन्होंने सुरक्षित जगह को चुनना चाहा। शाह को इंदौर भोपाल से अधिक सुरक्षित लगा। इंदौर के बेस कैंप बनाने से अमित शाह जयपुर ,रायपुर और भोपाल प्रतिदिन आ जा सकेंगे। अब इंदौर में लोकेशन की तलाश की जा रही है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में तीन बार सरकार बनाने में सफल रही भाजपा को चौथी बार भी सत्ता में बने देखने के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कमर कस ली है। केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद एमपी में यह पहला विधानसभा चुनाव है, 2014 के लोकसभा में बहुमत हासिल सरकार बनाने के बाद शाह और मोदी की जोड़ी ने कई राज्यों पर जीत हासिल की और कांग्रेस मुक्त देश बनाने का आह्वान भी किया, लेकिन पिछले कुछ चुनावों में कांग्रेस ने भी मोदी शाह के इस संकल्प को टक्कर दी है, जिसके चलते इसी साल तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की चिंता अमित शाह को सता रही है। 2019 के लोकसभा चुनाव पर तीन राज्यों के परिणाम बड़ा असर डालेंगे। इसी के चलते शाह कोई चूक नहीं करना चाहते।इसलिए ऐन मौके पर यह फैसला लिया गया है। अब शाह मध्य प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़ और राजस्थान में चुनाव होने के कारण इंदौर से ही इन राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए जाएंगे।अब देखना होगा की भाजपा अध्यक्ष का राजधानी को छोड़कर इंदौर में डेरा डालना कितना सही साबित होता है